राशन कार्ड में भारी अनियमितता का आरोप: पीडीएफ डाउनलोड और आवंटन में महीनों की देरी, कलेक्टर से जांच की मांग

(पंकज कुर्रे)

जांजगीर-चांपा । जिले में राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में खाद्य विभाग पर राशन कार्ड के पीडीएफ डाउनलोड एवं आवंटन में भारी देरी और भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं।

आवेदन में बताया गया है कि पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड जारी होने के बाद भी पीडीएफ डाउनलोड होने में कई-कई महीने लग रहे हैं, जिससे लोगों को लंबे समय तक राशन नहीं मिल पा रहा है। खासकर बुजुर्ग दंपत्ति, विधवा एवं जरूरतमंद परिवारों को इस देरी का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई मामलों में जनपद स्तर से राशन कार्ड जारी होने के बाद जिला स्तर पर पीडीएफ डाउनलोड करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इसके चलते हितग्राहियों को 2-3 महीने नहीं बल्कि 8-10 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके सामने जीवनयापन की गंभीर समस्या खड़ी हो रही है।

संगठन ने कुछ उदाहरण भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें आवेदकों के राशन कार्ड जारी होने के बाद भी महीनों तक पीडीएफ डाउनलोड नहीं हो सका, जबकि कुछ मामलों में 2-3 दिनों में ही प्रक्रिया पूरी हो जाने का आरोप लगाया गया है। इससे कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों के राशन कार्ड का पीडीएफ बहुत कम समय में डाउनलोड कर दिया जाता है, जबकि अन्य पात्र लोगों को लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जो संभावित अनियमितता और पक्षपात की ओर इशारा करता है।

संगठन ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन कार्ड उपलब्ध कराने और आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की भी मांग की गई है।

इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

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