जनगणना-2027 : मकानसूचीकरण और मकानों की गणना के साथ विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान शुरू

पहली बार डिजिटल डेटा कैप्चर और स्व-गणना की सुविधा के साथ जनगणना-2027 आरंभ

(प्रदीप गुप्ता)

दिल्ली। विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान जनगणना-2027 शुरू हो गया है। भारत सरकार ने आज से जनगणना-2027 के प्रथम चरण – मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) – की शुरुआत कर दी है, जो देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान का आरंभ है। यह पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर के साथ स्व-गणना की सुविधा वाली भारत की पहली जनगणना है।

देश के प्रथम नागरिक द्वारा जनगणना शुरू करने की गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने स्व-गणना विकल्प के माध्यम से राष्ट्रीय गणना प्रक्रिया की शुरुआत की।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना फॉर्म भरा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री ने भारत की जनता से अपील की कि वे अपने घर-परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करें और जनगणना प्रक्रिया में भाग लें।

इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की।

प्रारंभिक चरण में आज से स्व-गणना प्रक्रिया 8 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में शुरू की गई है, जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र शामिल हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार पहले दिन इन स्थानों से लगभग 55,000 परिवारों ने पहले ही दिन इस सुविधा का लाभ उठाया।

स्व-गणना एक सुरक्षित और वेब आधारित सुविधा है, जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। पहली बार उत्तरदाताओं को प्रगणकों के आने से पहले अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन विवरण भरने का विकल्प उपलब्ध है। प्रगणक पिछली जनगणनाओं की तरह सभी आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में घर-घर जाएंगे, जबकि उसके पूर्व स्व-गणना एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में काम करेगी। स्व-गणना में भाग लेने के लिए व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके se.census.gov.in पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं। सफलतापूर्वक फॉर्म सबमिट करने पर एक यूनीक सेल्फ-एनुमरेशन आईडी (SE ID) जनरेट हो जाती है, जिसे बाद में प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान उनसे पुष्टि करने के लिए साझा किया जाएगा।

मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच पूरे देश में संचालित किया जाएगा। इस छह माह की अवधि में प्रत्येक राज्य और संघ राज्य क्षेत्र, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित 30 दिनों की अवधि में इस क्षेत्रीय कार्य को पूरा करेंगे। पहली बार, घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि स्व-गणना के लिए प्रदान की गई है, जिससे लोग प्रगणक के आने से पहले अपने विवरण डिजिटल रूप से स्वयं दर्ज कर सकते हैं। मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के चरण के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इन महत्वपूर्ण संकेतकों को दर्ज करने के लिए जनवरी 2026 में प्रथम चरण के लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए है।

इन्हें भी पढ़े