सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु विशेष अभियान शुरू, जानकारी मिलने पर 1098 पर दें सूचना

(पंकज कुर्रे)

जांजगीर-चांपा । कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में बाल सक्षम नीति 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के स्थायी पुनर्वास के लिए 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृत्ति में लिप्त तथा सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों की पहचान और बचाव के लिए जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय से रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संवेदीकरण भी किया जा रहा है।

अभियान के तहत जिले के चिन्हित स्थलों जैसे खोखरा मंदिर, नहरिया बाबा मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शांति नगर सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और स्लम बस्तियों में गहन सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस दौरान स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉप आउट) बच्चों की जानकारी भी एकत्रित की जा रही है, ताकि उन्हें शिक्षा एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, नशे की चपेट में आए या सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, 9827771819 एवं 8963997174 पर दें, ताकि बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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