बालिका छात्रावास का भवन जर्जर, खराब सोलर सिस्टम और नहीं है पानी की व्यवस्था, प्रवेश आधार पर
(विकास अग्रवाल)
बया। बार मुख्यालय मे 50 सीटर बालिका छात्रावास मे जर्जर भवन खराब सोलर सिस्टम एवं पानी की व्यवस्था नहीँ होने से इस वर्ष का प्रवेश अधर मे लटक गया है. दूसरी और छात्रावास अधीक्षक के अनुसार अभी हॉस्टल जर्जर होने के कारण बच्चों को रखने लायक नहीँ है वही विभाग के सहायक आयुक्त के अनुसार प्रवेश प्रारम्भ है.
मिली जानकारी के अनुसार वन ग्राम के बच्चों की पढ़ाई के लिए शासन द्वारा बकायदा छात्रावास बना कर बालिकाओं की पढ़ाई की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. परन्तु पड़ोस के बलौदाबाजार जिले के बार मे स्थित बालिका छात्रावास के नजारे कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहे है. बार एवं नयापारा के बीच स्थित यह छात्रावास विगत दसको से संचालित हो रहा है यहाँ 50 बालिकाओं के रहने की व्यवस्था है. परन्तु इस वर्ष आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह छात्रावास पूरी तरह जर्जर हो चुका था जिसे पंचायत की अनुशंसा पर इसके जीर्णोद्धार हेतु निर्देश दिए गए थे. जिसे एक ठेकेदार द्वारा पूर्ण करवाया जा चुका है परन्तु जीर्णोद्धार के बाद भी भवन के थोडी बरसात मे ही छत से पानी टपकने के कारण बालिकाओं के रहने लायक नहीँ है इसके अलावा सोलर सिस्टम खराब होने के कारण छात्रावास अँधेरे मे है एवं यहाँ पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीँ है.
!! जर्जर भवन मे कैसे होगा प्रवेश!!
इस वर्ष बालिका छात्रावास मे प्रवेश के मामले मे उक्त हॉस्टल छात्रावास अधिक्षिका आशासिंह नें बार के पंच को बताया कि वर्तमान मे भवन की स्थिति देखते हुए प्रवेश नहीँ लिए जा रहे. भवन एवं सोलर सिस्टम ठीक होने पर प्रवेश प्रारम्भ होगा.ग्रामीणों के अनुसार हॉस्टल मे लगातार जहरीले सांप एवं कीड़े निकलने से हमेशा खतरा बना रहता हैं. इसका मुख्य कारण छात्रावास भवन के आसपास खेत एवं पानी डबरी बताया गया।





