जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीण, बया-गिरौदपुरी मुख्य मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, हादसे की आशंका

(विकास अग्रवाल)

 बया। जिले का सबसे बदहाल सड़को में एक प्रमुख बया-गिरौदपुरी मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। जलभराव के चलते रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है और राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मुख्य मार्ग से हर दिन सैकड़ों ग्रामीण, किसान, स्कूली छात्र और मजदूर गुजरते हैं। सड़क की दयनीय हालत के कारण सफर हर पल जोखिम भरा बना रहता है।


बया से लेकर गिरोधपुरी तक करीबन 20 गांव इस मार्ग पर पड़ता है जहां पर रोजाना सैकड़ो लोग इस मार्ग पर आना-जाना करते हैं, दोपहिया वाहन चालक पानी से ढके गड्ढों के कारण सबसे ज्यादा संतुलन बिगड़ने और फिसलने का डर दोपहिया चालकों को रहता है। वहीं चारपहिया वाहन लगातार झटकों और गहरे गड्ढों के कारण वाहनों में खराबी आ रही है। आपको बता दे कि बया से गिरौदपुरी की दूरी 45 किलोमीटर है इसमें जाने में 2 घंटे से भी अधिक का समय लगता है सड़क की बदहाली के चलते ग्रामीण इस मार्ग पर आना-जाना ही बंद कर दिए हैं। कोई भी वाहन मालिक इस मार्ग पर अपना गाड़ी किराए से भेजना ही नहीं चाहता इस मार्ग पर सड़क की बदहाली चलते मात्र एक बस चलती है। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर भी है कि इस मार्ग के सुधार के लिए लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। पूर्व में कांग्रेस सरकार के दौरान इस सड़क के लिए बजट पास कर घोषणा भी की गई थी जनप्रतिनिधियों, सांसद और मुख्यमंत्री तक लिखित आवेदन दिए जाने के बाद निर्माण कार्य का ठेका भी स्वीकृत हो चुका है। ग्रामीणों का सवाल यह है कि बजट पास होने और ठेका स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण कार्य आखिर क्यों शुरू नहीं किया जा रहा है? जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और संबंधित निर्माण विभाग से मांग की है कि बिना किसी देरी के सड़क का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाए।

क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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