प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक गिरफ्तार, छात्रा से अश्लिल हरकत का आरोप; कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
{Pankaj Kurre}
पामगढ़ । जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगाकोहरौद स्थित बंधवा तालाब के पास संचालित शासकीय प्राथमिक शाला से एक गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय के प्रधान पाठक भुनेश्वर कौशिक पर नाबालिग छात्रा के साथ कथित रूप से अशोभनीय हरकत करने का आरोप लगा है। मामले के सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है, जबकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में अध्ययनरत कुछ नाबालिग छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रधान पाठक ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया तथा उनका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचने का प्रयास किया। घटना से सहमी छात्राएं रोते हुए घर पहुंचीं और परिजनों को पूरी जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण विद्यालय पहुंचे, जहां काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इसी दौरान घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद पुष्टि हुआ।
सूचना मिलने पर डायल-112 और पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित किया। प्रार्थी के बयान और प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों के सुरक्षित भविष्य और शिक्षा का केंद्र होता है। यदि शिक्षक पर इस तरह के आरोप लगते हैं तो इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा और अभिभावकों का विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों ने आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई कर सेवा से पृथक करने की मांग की है।
थाना प्रभारी पामगढ़
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच के बाद कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मामले से जुड़ा वीडियो प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, अमर्यादित आचरण अथवा बच्चों के हितों के प्रतिकूल गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, गरिमा तथा बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इससे किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जबकि शिक्षा विभाग को भी शीघ्र जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।





