मेहनत के धागों से बुना सपना: बुनकर परिवार के बेटे ने 12वीं मेरिट में बनाई जगह
(देवेश साहू)
बलौदाबाजार। बुधवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी कर दिए गए। जारी अस्थायी प्रमाणित मेरिट सूची में जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। कक्षा 12वीं में पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। वहीं जिले के कटगी गांव के होनहार छात्र नितेश कुमार (देवांगन) ने भी टॉप-10 में जगह बनाते हुए 9वां स्थान प्राप्त किया है।
पलारी निवासी जिज्ञासु वर्मा ने पूरे प्रदेश में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वही कक्षा 12 वीं में 9वाँ स्थान प्राप्त करने वाले नितेश कुमार ने सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े है और अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई कहानी लिख दी। कपड़ा बुनने वाले परिवार के बेटे नितेश कुमार ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96.60 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में 9वां स्थान प्राप्त किया है।
खास बात यह रही कि नितेश ने गणित और बीएफएसआई (Banking, Financial Services and Insurance) जैसे विषयों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 100 में 99 अंक अर्जित किए, जो उनकी मेहनत और विषय पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है। नितेश की यह उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाले नितेश ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया।
“पिता के साथ कपड़ा बुनाई कर की पढ़ाई”
नितेश बताते हैं कि उनके पिताजी कपड़ा बुनने का काम करते हैं और वे खुद भी समय निकालकर इस काम में उनका हाथ बंटाते रहे हैं। दिनभर मेहनत के बाद भी उन्होंने पढ़ाई के प्रति अपना समर्पण बनाए रखा।
“डिप्टी कलेक्टर बनना है सपना”
नितेश बीएससी ग्रेजुएशन करने के बाद राज्य सेवा परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर बनना चाहते हैं ताकि समाज और अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दे सकें। नितेश की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो संसाधनों की कमी भी राह नहीं रोक सकती। गांव के इस होनहार बेटे ने न सिर्फ अपने माता-पिता का सपना पूरा किया बल्कि पूरे जिले का नाम भी रोशन कर दिया है।
परिजनों और ग्रामीणों में इस सफलता को लेकर खुशी का माहौल है। नितेश की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है।


