पंचायत में बड़ा घोटाला! 5.20 लाख रुपये का फर्जी बिल बनाकर गबन का आरोप, जांच की मांग तेज

(पंकज कुर्रे)

जांजगीर-चांपा, पामगढ़। जिले के पामगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पेंड्री में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि पंचायत में बिना किसी कार्य के ही 5 लाख 20 हजार रुपये का आहरण कर लिया गया।

शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत पेंड्री में शासन की योजना के तहत भागीरथी के घर से कनक राम जोशी के घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। इस कार्य के लिए 5.20 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई थी, जिससे गांव के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलनी थी।

लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और पंचायत सचिव ने मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर पूरी राशि निकाल ली, जबकि मौके पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्थल पर जांच करने पर कहीं भी स्वीकृत कार्य के अनुसार सीसी रोड नहीं दिखाई देता, जिससे गबन की आशंका और गहरा गई है।

ग्रामीणों ने इसे शासन की राशि का सीधा दुरुपयोग बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सरपंच प्रतिनिधि ने साधी चुप्पी

जब मीडिया टीम ने इस संबंध में सरपंच से जवाब लेना चाहा, तो सरपंच प्रतिनिधि ने बयान देने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय में सरपंच को कोई प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है।

पंचायत सचिव का पक्ष

वहीं पंचायत सचिव ने कहा कि मेजरमेंट और सत्यापन के बाद ही कार्य किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वीकृत राशि पूरी तरह खर्च हो गई, जिसके कारण निर्धारित दूरी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। साथ ही उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच टीम गठित कर दी गई है।

“तकनीकी सहायक एम.एल. भारती ने दो टूक कहा कि जिस स्थल का विधिवत मूल्यांकन और सत्यापन किया गया था, उसी निर्धारित स्थान पर पूरी पारदर्शिता के साथ सीसी रोड का निर्माण कार्य किया गया है।”

एसडीओ डी.एल. सोनवानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में उनके पास अब तक किसी भी प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।”

ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा

मीडिया टीम द्वारा मौके पर जाकर की गई पड़ताल में पाया गया कि जिस स्थान पर सीसी रोड निर्माण दिखाया गया है, वहां वास्तविकता में कोई निर्माण नहीं हुआ। वहीं अन्य जगह पर जो निर्माण किया गया है, वह भी मात्र 30-40 मीटर लंबा और 3-4 फीट चौड़ा है। ऐसे में 5.20 लाख रुपये की पूरी राशि खर्च होने का दावा कई सवाल खड़े करता है।

जांच पर टिकी निगाहें

इस पूरे मामले में शिकायत की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पामगढ़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जांजगीर-चांपा और जनपद पंचायत पामगढ़ को भी भेजी गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या रुख अपनाता है और इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है।