जिले में आत्मा (क़ृषि विभाग) बिलाईगढ़ संतुलित उर्वरक प्रयोग पर जागरूकता प्रशिक्षण
(मदन खाण्डेकर)
बिलाईगढ़। कलेक्टर सारंगढ़ बिलाईगढ़ के निर्देश एवं उपसंचालक क़ृषि के मार्गदर्शन में कृषि क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी)” के द्वारा कृषकों हेतु जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकास खंड बिलाईगढ़ के ग्राम मिर्चीद के कृषको ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर विस्तृत जानकारी दी गई। वरिष्ठ क़ृषि विकास अधिकारी कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि वर्तमान समय में वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने पर जोर देते हुए कहा कि उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक उपयोग करने की सलाह दी।हरी खाद, एजोला आदि उत्पाद तैयार क़र खेतो में प्रयोग से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्र बढ़ाती है, मिट्टी को ढीला बनाती है और पोषक तत्वों की आपूर्ति करती है। ढंचा, सनईं या लोबिया जैसी फसलों को खेत में उगाकर, फूल आने से पहले उसे हल से जोतकर मिट्टी में दबाने की तकनीक बताई गईं। साथ ही नैनो यूरिया नैनो डीएपी, उपयोग व महत्त्व
एवं डीएपी के विकल्प के रूप में ssp एवं npk के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में प्रकाश कुमार थवाईत ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर द्वारा उर्वरक के वैकल्पिक उत्पाद जीवामृत बीजामृत, हरी खाद से मिट्टी की उर्वरता में वद्धि होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।जिससे लागत में कमी एवं उत्पादन में वृद्धि संभव हो सके।
इस अवसर पर क्षेत्रीय कृषि विकास अधिकारी ए.सी.लहरें ग्रामीण क़ृषि विस्तार अधिकारी मनोज कुमार,ग्राम के प्रगतिशील किसान एवं सरपंच के पिता पंचराम साहू व कृषक उपस्थित।


