भव्य रूप से मनाई गई भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती, अम्बेडकर चौक पामगढ़ में गूंजे जय भीम के नारे

(पंकज कुर्रे)

पामगढ़। भारतीय संविधान के शिल्पी, भारत रत्न, दलित-शोषित समाज की आवाज और आधुनिक भारत के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पामगढ़ में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत अम्बेडकर चौक पामगढ़ स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। इस दौरान श्रीफल तोड़कर एवं धूप-अगरबत्ती प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया गया।

कार्यक्रम स्थल पर “बाबा साहब अमर रहे”, “भारतीय संविधान जिंदाबाद” और “जय भीम” के गगनभेदी नारों से वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर वक्ताओं ने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए उन्हें “विश्व रत्न” बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने देश को विश्व का सबसे विशाल लिखित संविधान दिया और सामाजिक समरसता को अपना मूल मंत्र माना। उनके योगदान से देश में अनेक महत्वपूर्ण संस्थाओं और विकास कार्यों को गति मिली।

कार्यक्रम में एसडीएम पामगढ़ आर.के. तंबोली ने बाबा साहब को देश की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनकी ख्याति पूरे विश्व में फैली हुई है। अमेरिका, जापान, इंग्लैंड और रूस जैसे देशों में भी उनकी प्रतिमाएं स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि बाबा साहब को लगभग 20 भाषाओं का ज्ञान था, इसी कारण उन्हें “नॉलेज का सिंबल” कहा जाता है।

इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: श्रीमती शकुन्तला खरे, मनोज खरे, शिव पातरे, शिवराज साइटोंडे, सुखदेव श्रीवास, जय सिंह साइटोंडे, ओमप्रकाश रत्नाकर, अनिकेत, बाबूलाल खूंटे, युवराज बंजारे, अवधेश खूंटे, पंकज दिवाकर, निखिल खूंटे, सत्य प्रकाश दिवाकर, गिरधारी लाल यादव, सुमित रत्नाकर, गोविंद कुर्रे, रमेश पाटले, मनीराम लहरें सहित अन्य गणमान्य नागरिक।

:- समाचार एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करें – पंकज कुर्रे मो • 7240976439