बैजनाथ में धूमधाम से किया गया भोजली विसर्जन, बड़ी संख्या में ग्रामीण रहें मौजूद

(मानस साहू)

कसडोल। छतीसगढ़ के पारंपरिक भोजली त्योहार उल्लास के साथ मनाया गया। आपको बता दे कि भोजली त्योहार को मुख्यरुप से मित्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। ग्रामीण अंचलों में यह त्योहार अच्छी बारिश और अच्छी फसल के लिए शगुन का स्वरूप है। रविवार को कसडोल ब्लॉक के ग्राम बैजनाथ में भोजली तिहार धूमधाम से मनाया गया।

जिसमें ग्राम की महिला और युवाओं द्वारा बड़े ही उत्साह से 7 दिवस तक भोजली की सेवा के बाद सर पर भोजली को रखकर भव्य शोभायात्रा निकालकर विसर्जन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा भोजली गीत गाकर, गांव के गली मुहल्ले होते हुए नदी में इसे विसर्जित किया गया ।

 

उल्लेखनीय है कि इस त्योहार में 7 दिन पहले भोजली की बुआई की जाती है। हर रोज शाम को भोजली गीत का आयोजन रखा जाता है और देवी की तरह आस्था के साथ पूजा किया जाता है इसके बाद राखी के दूसरे दिन रविवार को इसे विसर्जित किया गया। जिसका आनंद लेने बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण जुटे रहे। वहीं भोजली विसर्जन के दौरान भी आसपास के गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया था।