देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank का Q4 नेट प्रॉफ़िट 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हुआ, साथ ही कंपनी ने ₹13 के डिविडेंड का ऐलान भी किया
प्रदीप गुप्ता
HDFC Bank, जो भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट लेंडर है, ने शनिवार को बताया कि मार्च तिमाही में उसका नेट प्रॉफ़िट 19,221 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले फ़ाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में रिपोर्ट किए गए 17,616 करोड़ रुपये के मुक़ाबले 9% ज़्यादा है। कंपनी की ब्याज़ से होने वाली आय ₹76,610 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹77,460 करोड़ रूपए थी जो 1.1% की कमी दिखाती है।
कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹33,082 करोड़ रही, जो Q4 FY25 के ₹32,006 करोड़ के मुकाबले 3.2% ज़्यादा है। ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट ₹27,802 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹26,537 करोड़ के मुकाबले 4.8% ज़्यादा है।
साथ ही बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए साल के लिए, 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 13.00 रुपये का फ़ाइनल डिविडेंड देने की सिफ़ारिश की है। यह डिविडेंड शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही, FY26 के लिए कुल डिविडेंड हर इक्विटी शेयर पर 15.50 रुपये हो गया है। डिविडेंड के लिए योग्य शेयरहोल्डर्स को तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 19 जून, 2026 तय की गई है। बैंक के पास क़रीब कुल 49 लाख करोड की सम्पत्ति है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
एसेट क्वालिटी के मामले में, ग्रॉस NPA (GNPA) रेश्यो Q3 FY26 के 1.24% से सुधरकर Q4 FY26 में 1.15% हो गया। इसी तरह, नेट NPA (NNPA) रेश्यो पिछली तिमाही के 0.42% से घटकर 0.38% रह गया। कंपनी का GNPA चौथी तिमाही में घटकर 34,061.2 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही में 35,179 करोड़ रुपये था। और वहीं FY26 के लिए एसेट्स पर रिटर्न 1.94% रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में रिपोर्ट किए गए 1.91% से ज़्यादा है।





