MRP से ज्यादा कीमत में बिक रहे मोबाइल! बढ़े कीमतों से ग्राहक परेशान
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छत्तीसगढ़ | बाजार में मोबाइल फोन की कीमतों को लेकर ग्राहकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि कुछ दुकानदार मोबाइल कंपनियों द्वारा निर्धारित प्रिंटेड रेट से अधिक कीमत पर मोबाइल फोन बेच रहे हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद का मोबाइल खरीदने के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है।
ग्राहकों का कहना है कि मोबाइल की कीमत और दुकानदारों द्वारा मांगी जा रही कीमत में अंतर देखने को मिल रहा है। कई ग्राहक जब मोबाइल का प्रिंट रेट या बॉक्स पर दर्ज अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) देखते हैं तो उन्हें अलग कीमत बताई जाती है। इससे ग्राहकों में नाराजगी बढ़ रही है।
ग्राहकों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
ग्राहकों का कहना है कि मोबाइल फोन जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री में यदि निर्धारित MRP से अधिक राशि वसूली जा रही है, तो संबंधित विभाग को मामले की जांच करनी चाहिए। ग्राहकों ने मूल्य सूची, बिल और MRP की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
वहीं, बाजार में मोबाइल के बढ़े हुए दाम को लेकर ग्राहक असमंजस में हैं कि आखिर मोबाइल की वास्तविक कीमत क्या है और दुकानदार द्वारा अतिरिक्त राशि किस आधार पर ली जा रही है।
भारत में पैक्ड मोबाइल फोन पर MRP से अधिक कीमत वसूलना सामान्य स्थिति में नियमों के खिलाफ है। यह मामला मुख्यतः Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 और उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में आता है।
MRP को लेकर नियम क्या है?
MRP यानी Maximum Retail Price, और इसमें लागू सभी टैक्स शामिल होते हैं।
Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 के Rule 18(2) के अनुसार कोई रिटेलर, थोक विक्रेता या अन्य व्यक्ति पैक्ड वस्तु को उसके निर्धारित Retail Sale Price यानी MRP से अधिक कीमत पर नहीं बेच सकता।
इसलिए यदि मोबाइल के सीलबंद बॉक्स पर MRP ₹20,000 अंकित है, तो दुकानदार सामान्य परिस्थितियों में उसे ₹20,000 से अधिक में नहीं बेच सकता।
MRP के ऊपर GST अलग से लेना भी सही नहीं है, क्योंकि MRP में टैक्स शामिल होता है।
सरकारी उपभोक्ता हैंडबुक भी स्पष्ट करती है कि कोई retailer/dealer पैक्ड commodity को MRP से अधिक पर नहीं बेच सकता।
लेकिन एक महत्वपूर्ण बात
MRP से कम कीमत पर बेचना बिल्कुल संभव है। MRP अधिकतम कीमत है, अनिवार्य बिक्री कीमत नहीं।
उदाहरण:
मोबाइल बॉक्स पर MRP = ₹20,000
दुकानदार ₹19,000 में बेचता है → सामान्यतः कोई समस्या नहीं
दुकानदार ₹20,000 में बेचता है → दुकानदार ₹25,000 मांगता है → सामान्यतः MRP से अधिक वसूली
हालांकि, यदि कंपनी/निर्माता/आयातक द्वारा नियमों के अनुसार वैध रूप से संशोधित MRP घोषित की गई हो, तो स्थिति अलग हो सकती है। केवल दुकानदार द्वारा खुद से बॉक्स की MRP बदल देना मान्य नहीं माना जा सकता; नियम MRP को मिटाने/बदलने पर भी रोक लगाते हैं।
अगर आपके पास ऐसा मामला है जिसमें मोबाइल के बॉक्स पर ₹X MRP है लेकिन दुकानदार बिल में ₹X से ज्यादा राशि ले रहा है, तो ग्राहक को:
मोबाइल का बॉक्स/लेबल सुरक्षित रखना चाहिए।
बिल/कैश मेमो जरूर लेना चाहिए।
MRP और बिक्री कीमत की फोटो/वीडियो रखनी चाहिए।
दुकानदार से अधिक कीमत लेने का आधार पूछना चाहिए।
जरूरत पड़ने पर Legal Metrology विभाग में शिकायत की जा सकती है।
उपभोक्ता विवाद की स्थिति में Consumer Commission (उपभोक्ता आयोग) में शिकायत की जा सकती है।
ग्राहकों की मांग है कि संबंधित जिम्मेदार विभाग बाजार में मोबाइल दुकानों की जांच करे और यदि MRP से अधिक कीमत वसूली जा रही है तो नियम के अनुसार कार्रवाई की जाए।








