नेहरू बाल उद्यान को मरम्मत व बेहतर रखरखाव की आवश्यकताटूटी झूले, बंद फव्वारे और अव्यवस्थित हरियाली से प्रभावित हो रही छवि
मदन खाण्डेकर
गिधौरी। नगर के प्रमुख मनोरंजन स्थल नेहरू बाल उद्यान की स्थिति इन दिनों सुधार की मांग कर रही है। प्रतिदिन नगर सहित आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने और बच्चों को मनोरंजन के लिए लेकर पहुंचते हैं, लेकिन उद्यान में कई मूलभूत सुविधाओं की कमी और रखरखाव के अभाव से लोगों को निराशा हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्यान में साफ-सफाई तो की जाती है, लेकिन जिस स्तर पर नियमित देखरेख और मेंटेनेंस होना चाहिए, वह नहीं हो पा रहा है। पेड़-पौधों की समय-समय पर कटाई-छंटाई नहीं होने से हरियाली अव्यवस्थित हो गई है। कई स्थानों पर अनावश्यक झाड़ियां और पौधे उग आए हैं, जिससे उद्यान की सुंदरता प्रभावित हो रही है।
उद्यान में लगी लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे शाम के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। वहीं आकर्षण का केंद्र रहे फव्वारे भी कार्य नहीं कर रहे हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए कई झूले पुराने और जर्जर हो चुके हैं। कुछ झूले टूट चुके हैं तो कई जाम होने के कारण उपयोग योग्य नहीं हैं।
नगरवासियों का कहना है कि नेहरू बाल उद्यान नगर की पहचान और परिवारों के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। यहां गांव के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं, जो इसकी बदहाल स्थिति को अनदेखा नहीं कर पाते।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि उद्यान की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, झूलों को दुरुस्त किया जाए, लाइट एवं फव्वारे चालू किए जाएं तथा नियमित कटाई-छंटाई कर उद्यान को सुंदर और आकर्षक बनाया जाए, ताकि लोग बेहतर वातावरण में समय बिता सकें।


