अपने ही फर्जी स्थानांतरन आदेश लेकर पहुचा ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी ,,स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली

(नीलकमल आज़ाद)


पलारी। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी करण कुमार देवांगन के नाम से फर्जी स्थानांतरण आदेश जारी होने का मामला प्रकाश में आया है जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। दस्तावेज की जांच में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी होने और ऐसा कोई आदेश विभाग से जारी नहीं होने की बात सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी करण कुमार देवांगन के नाम से एक स्थानांतरण आदेश पत्र मिला था , जिसमें उनका स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से भाटापारा ब्लॉक के मोपर स्थित स्वास्थ्य केंद्र किए जाने का उल्लेख था। उक्त आदेश लेकर चिकित्सक करण कुमार देवांगन आदेश पत्र लेकर संबंधित ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा के समक्ष पहुंचे।


बीएमओ वर्मा ने सीएमएचओ का हस्ताक्षर आदेश पत्र देखने के बाद उसकी प्रमाणिकता पर संदेह जताया। इसके बाद जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय से पत्र के संबंध में जानकारी ली गई। जांच में सामने आया कि, आदेश पत्र पर अंकित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के हस्ताक्षर उनके द्वारा किए ही नहीं गए थे और विभाग की ओर से ऐसा कोई स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किया गया था।

फर्जी दस्तावेज सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से पलारी थाने में लिखित शिकायत की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित फर्जी आदेश पत्र किसने तैयार किया, इसे विभाग में किस उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

मामले में सीएचएमओ राजेश अवस्थी से फोन पर बात करने से कहां की मैं अभी तीन सदस्यता जांच समिति गठित किया गया है आगे जांच आने पर आगे की कारवाही किया जायेगा

मामले को लेकर बीएमओ डॉ पंकज वर्मा ने बताया कि ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन द्वारा 17 अगस्त को स्वयं का स्थानांतरण आदेश पत्र मेरे कार्यालय में प्रस्तुत किया गया आदेश पत्र में संदेह होने से सीएचएमओ सर से बात हुई एवम उनके द्वारा जानकारी दी गई कि उक्त आदेश पूर्णत फर्जी है हस्ताक्षर भी उनके नही है तथा उनके द्वारा आपराधिक मामला दर्ज कर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है।

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