भारी विरोध के बाद हुआ सचिव का तबादला: अब तक प्रभार नहीं, नवापारा खुर्द में विकास कार्य प्रभावित

(पंकज कुर्रे)

सक्ती । जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत ग्राम पंचायत नवापारा खुर्द में सचिव प्रभार हस्तांतरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला पंचायत द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने और नए सचिव की पदस्थापना के बावजूद पूर्व सचिव द्वारा पंचायत का प्रभार नहीं सौंपे जाने से पंचायत के शासकीय कार्य ठप पड़ने लगे हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।


ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार पूर्व सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से असंतोष था। कई बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों को धरना-प्रदर्शन तक करना पड़ा। इसके बाद प्रशासन ने सचिव का स्थानांतरण किया, लेकिन अब प्रभार हस्तांतरण नहीं होने से स्थिति और जटिल हो गई है।

आदेश जारी, फिर भी नहीं मिला प्रभार


जिला पंचायत सक्ती के आदेश क्रमांक 3140/जि.पं./सचिव स्था./2026 दिनांक 03 जून 2026 तथा जनपद पंचायत सक्ती के आदेश क्रमांक 686/स्था.ज.प./2026 दिनांक 11 जून 2026 के अनुसार पूर्व सचिव नितेश गबेल का स्थानांतरण ग्राम पंचायत जांजग कर दिया गया था। वहीं नवपदस्थ सचिव कृष्ण सिदार ने 12 जून 2026 को ग्राम पंचायत नवापारा खुर्द में उपस्थित होकर विधिवत जॉइनिंग दे दी, लेकिन अब तक उन्हें पंचायत का प्रभार नहीं सौंपा गया है।

ग्राम पंचायत नवापारा खुर्द की सरपंच श्रीमती रामेश्वरी बाई गोंड ने बताया कि पूर्व सचिव द्वारा अवकाश समाप्त होने के बाद भी प्रभार हस्तांतरित नहीं किया गया है। पंचायत भवन में ताला लगा होने के कारण कैशबुक, अभिलेख, दस्तावेज और अन्य शासकीय सामग्री नए सचिव को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके चलते बैंक खाते में हस्ताक्षर नमूना परिवर्तन, डीएससी अपडेट, ऑनलाइन पोर्टल संचालन तथा अन्य प्रशासनिक कार्य बाधित हो गए हैं।

ग्रामीणों को हो रही परेशानी, कई योजनाएं प्रभावित

प्रभार हस्तांतरण में देरी का सीधा असर ग्रामीणों और पंचायत के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं—

• मनरेगा मजदूरों के भुगतान में बाधा

• 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद के विकास कार्य प्रभावित

• जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में परेशानी

• पंचायत संबंधी अन्य आवश्यक सेवाएं बाधित

कलेक्टर जनदर्शन और जिला पंचायत में पहुंची शिकायत

सरपंच द्वारा 15 जून 2026 को जनपद पंचायत सक्ती में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस समय सीईओ का पद रिक्त अथवा अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद सरपंच एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में टोकन क्रमांक 6065 के तहत शिकायत प्रस्तुत की। साथ ही जिला पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी लिखित आवेदन देकर तत्काल प्रभार दिलाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन खुलवाकर पूर्व सचिव से कैशबुक, अभिलेख, डीएससी, आईडी-पासवर्ड तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज नए सचिव को तत्काल हस्तांतरित कराए जाएं, ताकि पंचायत के कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।