गिरौदपुरी मेला में कल्प समाज सेवी संस्था का विशेष स्टॉल

(मदन खाण्डेकर)

गिधौरी संत गुरु घासीदास जी की जन्मस्थली गिरौदपुरी में आयोजित वार्षिक मेला में इस वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम बना हुआ है। धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच, कल्प समाज सेवी संस्था छत्तीसगढ़ का स्टॉल आगन्तुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। संस्था ने सभी आगन्तुकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया।

स्टॉल की प्रमुख विशेषताएँ- 50 किस्मों के देशी धान बीज – किसानों और ग्रामीणों को पारंपरिक कृषि की ओर प्रेरित करने के लिए। – खुशबू वाले चावल एवं जैविक खेती की जानकारी – स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु। – महिला सशक्तिकरण से जुड़े सामग्री – महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के लिए। – दिव्यांग बच्चों द्वारा निर्मित हर्बल उत्पाद – हैंड वॉश, साबुन और फिनाइल जैसे उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश।
संस्था का संदेश संस्था प्रमुख अभिषेक यादव ने अपने वक्तव्य में कहा: “देशी बीज, जैविक जीवन… महिला शक्ति, सामाजिक उत्थान। स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज ही हमारे प्रयासों का मूल मंत्र है।” आगन्तुकों की प्रतिक्रिया मेला में आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का यह संगम वास्तव में समय की मांग है। बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, वहीं बुजुर्गों ने इसे संत परंपरा के अनुरूप समाज सेवा की मिसाल बताया।

“निष्कर्ष”

गिरौदपुरी मेला 2026 में कल्प समाज सेवी संस्था का यह स्टॉल न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आस्था और समाज सेवा साथ-साथ चल सकते हैं। गिरौदपुरी मेला 2026 — कल्प का स्टॉल
“देशी बीज, जैविक जीवन… महिला शक्ति, सामाजिक उत्थान…