निरीक्षक सावन कुमार सारथी की उत्कृष्ट विवेचना बनी मिसाल: 14-14 साल की सश्रम कैद और 1.50-1.50 लाख रुपये जुर्माना, ओनरेक्स कफ सिरप तस्करी के 3 आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

{Pankaj Kurre}

जांजगीर-चांपा । नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जांजगीर-चांपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध कोडिन युक्त ओनरेक्स कफ सिरप की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास और 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला तत्कालीन थाना प्रभारी सारागांव निरीक्षक सावन कुमार सारथी की सशक्त विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 सितंबर 2024 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति मोटरसाइकिल से अवैध कोडिन युक्त ओनरेक्स कफ सिरप लेकर सारागांव हाईवे पर ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सावन कुमार सारथी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और तीन संदिग्धों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भीमेश्वर उर्फ भोलू यादव एवं सुशील यादव, दोनों निवासी महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक 13, सक्ती तथा रितेशपुरी गोस्वामी उर्फ गोलू (22 वर्ष), निवासी कांदानारा, थाना सक्ती के रूप में हुई। पुलिस ने गवाहों की उपस्थिति में आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें उनके कब्जे से 42 नग कोडिन युक्त ओनरेक्स कफ सिरप, एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक CG-11-BM-0443 तथा लगभग 10 हजार रुपये कीमत का एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।

मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना सारागांव में अपराध क्रमांक 176/2024 के तहत धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया। आरोपियों को 03 सितंबर 2024 को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इसके बाद निरीक्षक सावन कुमार सारथी ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर विवेचना करते हुए मजबूत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और विवेचना की मजबूती को देखते हुए माननीय न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाया। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। साथ ही जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी प्रावधान रखा गया है।

यह फैसला नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मजबूत विवेचना और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को सजा दिलाना ही पुलिस की प्राथमिकता है।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने कहा कि नशे का कारोबार समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। जांजगीर-चांपा पुलिस न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि उन्हें न्यायालय से कठोर सजा दिलाने के लिए भी पूरी मजबूती से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।