सत्य निज नाम संस्थान की बेटियों की अनूठी पहल: दिव्यांग बच्चों को भेंट किए वस्त्र
(मदन खाण्डेकर)
शिवरीनारायण:- सेवा, संस्कार और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए सत्य निज नाम संस्थान के संस्थापक सत्य कबड्डी दास के पौत्रियाँ, कु. अंकिता महंत एवं कु. अर्शिका महंत ने मानवता की सेवा में एक सराहनीय कदम उठाया है। दोनों बहनों ने अपने नशा मुक्ति भजनों और जनजागरण भाषणों से प्राप्त सहयोग राशि का एक हिस्सा समाज सेवा के लिए समर्पित किया। इसी कड़ी में, दोनों बहनों ने पामगढ़ स्थित दृष्टि एवं श्रवण बाधित आवासीय विद्यालय पहुँचकर लगभग 30 दिव्यांग बच्चों को उनकी पसंद के अनुरूप नए वस्त्र भेंट किए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों बालिकाओं का आभार जताया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर दूज राम ज्योति, अधीक्षक रामसनेही राय, शिक्षक रामलाल गोंड और नवरंग लाल कश्यप सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
विद्यालय परिवार ने दोनों बालिकाओं के सेवा भाव, विनम्रता और कम उम्र में ही विकसित हुए सामाजिक उत्तरदायित्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि कक्षा 3 की छात्रा अंकिता महंत एवं कक्षा 10 की छात्रा अर्शिका महंत पिछले दो वर्षों से भजन और भाषणों के माध्यम से नशा मुक्ति, अहिंसा और नैतिक मूल्यों का संदेश समाज तक पहुँचा रही हैं। दोनों बहनों ने संकल्प लिया है कि उन्हें समाज से मिलने वाली सहयोग राशि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सदैव जरूरतमंदों, दिव्यांगों और वंचित वर्ग की सेवा में समर्पित करेंगी। कम उम्र में ही समाज के प्रति यह समर्पण भाव यह सिद्ध करता है कि यदि बचपन से ही सेवा के संस्कार मिले, तो छोटी आयु में भी बड़े और सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं। दोनों बहनों का यह प्रयास आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।





