ग्राम पंचायत मुड़पार ‘ब’ के प्रथम पीएच.डी. बने ओमकार प्रसाद, हिंदी विषय में हासिल की सर्वोच्च उपाधि

{Pankaj Kurre}

जांजगीर-चांपा । ग्राम पंचायत मुड़पार ‘ब’ के लिए यह गर्व और खुशी का अवसर है। गांव के होनहार युवा ओमकार प्रसाद, पिता हर प्रसाद, ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से हिंदी विषय में “रणेंद्र एवं संजीव बख्शी के उपन्यासों में आदिवासी जीवन” विषय पर शोध कार्य पूर्ण कर पीएच.डी. (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि प्राप्त की है।


ओमकार प्रसाद ग्राम पंचायत मुड़पार ‘ब’ के प्रथम पीएच.डी. उपाधिधारक बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में हर्ष का माहौल है। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इस उपलब्धि पर ग्राम पंचायत मुड़पार ‘ब’ की सरपंच श्रीमती दिलेश्वरी विश्वनाथ जाहिरे, समस्त पंचगण, ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ओमकार प्रसाद को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करेगी और वे आगे भी शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते रहेंगे।

ग्रामवासियों ने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर प्रगति की कामना करते हुए कहा कि ओमकार प्रसाद की यह उपलब्धि पूरे ग्राम पंचायत मुड़पार ‘ब’ के लिए गौरव का विषय है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

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