लवकुश की जन्मस्थली वाल्मिकी आश्रम तुरतुरिया में पशुबलि प्रथा बंद करने सौंपा ज्ञापन, कोर्ट ने भी दिया था आदेश
कसडोल। बीते 25 मई को अध्यक्ष गायत्री शक्तिपीठ कसडोल द्वारा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलौदाबाजार को ज्ञापन सौंपकर लवकुश की जन्मस्थली वाल्मिकी आश्रम तुरतुरिया में लम्बे समय से चल रही पशुबलि प्रथा को बंद कराने की मांग किया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि विकासखंड कसडोल अन्तर्गत ग्राम तुरतुरिया के वाल्मिकी आश्रम के आस-पास शराबी शराब पीकर खाली बोतल, मांस का टुकड़ा, पन्नी, प्लास्टिक को छोड़कर अन्य गंदगी फैलाकर पर्यावरण प्रदूषित कर रहे है जिसे समाप्त करने बाबत् अध्यक्ष गायत्री शक्तिपीठ कसडोल के द्वारा विभिन्न न्यायालय क्षेत्रों में आवेदन देकर पशुबलि प्रथा समाप्त करने बाबत् अनेक विभागों में आवेदन देकर निवेदन किया जा चुका है किन्तु आज दिनांक तक तत्संबंध किसी भी विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी है जो निम्नलिखित है। ज्ञापन में बताया कि माननीय छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर के W.PC No. 2287 / 2001 में पारित आदेश धार्मिक स्थलों पर पशुबलि प्रथा समाप्त किये जाने के संबंधी आदेश दिनांक 29.08.2017 के परिपालन में आज दिनांक तक कार्यवाही नहीं हो सका। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन पर्यटन, सस्कृति, पुरातत्व धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग तथा 20 सुत्रीय क्रियान्वयन विभाग क्रमाक 185/विस/प. स धर्म / आदेश दिनांक 31.08.2015 म सहित जिला कलेक्टर कार्यालय बलौदाबाजार के स्मरण ज्ञापन पत्र क्रमाक/32/3.लि / 2020 दिनांक 21.01.2020 का भी पालन नहीं हो सका। साथ ही गायत्री परिवार कसडोल द्वारा महर्षि वाल्मीकि आश्रम पवित्र तीर्थ तुरतुरिया में पशुबलि प्रथा समाप्त करने के लिए अनेकों बार आवेदन दिया गया पर इसमें कारगर कार्यवाही नही होने के कारण आज भी निर्बाध
गति से पशुबलि प्रथा जारी है। जब तक उच्च न्यायालय छ.ग. बिलासपुर के रिट याचिका क्रमांक 2287/2001 के आदेश दिनांक 29.08.2017 का परिपालन स्थानीय प्रशासन जब तक कड़ाई से नहीं करेगा बलि प्रथा बंद नहीं होगा एवं महर्षि वाल्मिकी आश्रम तुरतुरिया में पशुबलि प्रथा जारी रहने से उक्त धार्मिक स्थल अपवित्र होता रहेगा एवं भारी मात्रा में गंदगी फैलते रहेगी और आने दर्शनार्थियों को अनेक प्रकार की तकलीफों का सामना करना पड़ेगा। गायत्री परिवार द्वारा मांग किया गया कि उक्त विषय को ध्यान में रखते हुए वाल्मिकी आश्रम तुरतुरिया में पशुबलि प्रथा को समाप्त बंद कराने की आदेश प्रदान करने की कृपा की जावे।












