विकासखंड स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी संपन्न प्रगति विद्या मंदिर में किया गया आयोजन
कसडोल। कसडोल में विकासखंड स्तरीय राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रगति विद्या मंदिर (कोट) कसडोल में संपन्न हुआ। संगोष्ठी का मुख्य विषय “भारतीय ऊर्जा परिप्रेक्ष्य-2047: संभावनाएं एवं चुनौतियां” रहा, जिसमें विकासखंड के विभिन्न स्कूलों से कक्षा 8वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के कड़े मुकाबले में मनीषा चौहान (शा.उ.मा.वि. बारनवापारा) ने प्रथम, माही (प्रगति विद्या मंदिर) ने द्वितीय तथा तेजस्विनी पटेल (शा.उ.मा.वि. पिसिद) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी कौशिक मुनि त्रिपाठी, ब्लॉक नोडल अधिकारी थानू राम साहू, बलदाऊ डडसेना, विद्यालय के संचालक शेषनारायण साहू एवं प्राचार्य लता सोनवानी मुख्यरूप से उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में शिक्षकगण मीनू वर्मा, श्रीकांत पुरेना, बिजेन्द्र देवांगन, खेमराम जायसवाल, सूरज कैवर्त और हेराम देवांगन शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
जिला नोडल अधिकारी कौशिक मुनि त्रिपाठी ने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्ष 2047 तक ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की विज्ञान संगोष्ठियां विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं देतीं, बल्कि उन्हें देश की भविष्य की चुनौतियों पर चिंतन करने और समाधान प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी ही विकसित भारत के निर्माण का प्रमुख आधार बनेगा।








