डोमिनोज़ फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ₹2.65 लाख की ऑनलाइन ठगी, साइबर ठग गिरफ्तार

{Pankaj Kurre}

जांजगीर-चांपा | डोमिनोज़ फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ₹2.65 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी को अकलतरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान ललित कश्यप (40 वर्ष), निवासी ग्राम लाकड़ीपुर, थाना मझोला, जिला मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), हाल मुकाम पुल प्रहलादपुर, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


जानकारी के अनुसार, अकलतरा निवासी संस्कार अग्रवाल राइस मिल का संचालन करते हैं। उन्होंने डोमिनोज़ की फ्रेंचाइजी लेने के उद्देश्य से गूगल क्रोम के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के कुछ समय बाद उन्हें निखिल तिवारी नामक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया।

आरोपी ने फ्रेंचाइजी पंजीयन के नाम पर ₹2,65,500 की रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा। उसके झांसे में आकर प्रार्थी ने 10 अप्रैल 2026 को अपने निजी बचत खाते से आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर दी।

बाद में जब प्रार्थी ने डोमिनोज़ के स्टेट हेड से संपर्क कर फ्रेंचाइजी पंजीयन की पुष्टि की, तो पता चला कि उनके नाम से कंपनी में कोई फ्रेंचाइजी पंजीकृत ही नहीं हुई है। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने उस बैंक खाते की जानकारी जुटाई, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच में बैंक खाता आरोपी ललित कश्यप के नाम पर संचालित होना पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने डोमिनोज़ फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते का स्टेटमेंट, पासबुक सहित अन्य आवश्यक साक्ष्य जब्त किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ जबलपुर साइबर थाना में भी डोमिनोज़ फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ₹2.65 लाख की ठगी का मामला दर्ज है। इसके अलावा आरोपी के बैंक खाते पर विभिन्न राज्यों से प्राप्त ऑनलाइन ठगी की शिकायतों के आधार पर होल्ड लगाया गया है। आरोपी के खिलाफ अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं।

जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गूगल सर्च में दिखाई देने वाले किसी भी मोबाइल नंबर को केवल कंपनी का प्रतिनिधि मानकर भरोसा न करें। साइबर अपराधी कंपनियों के नाम से फर्जी मोबाइल नंबर और वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।

यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।

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