उड़ीसा प्रदेश स्तरीय सामाजिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में सम्मिलित प्रदेश अध्यक्ष एल एल कोसले एवं पदाधिकारीएवं राजमहंत गण
उड़ीसा प्रदेश महिला प्रकोष्ठ ,युवा मोर्चा ,कर्मचारी प्रकोष्ठ गठन किया गया
मदन खाण्डेकर
रायपुर –सतनामी कल्याण समिति उड़ीसा प्रदेश के तत्वाधान में नुआपारा जिला के राजा खरियार में उड़ीसा प्रदेश स्तरीय सतनामी समाज का प्रदेशिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन उड़ीसा प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिलाल बंजारे जी के नेतृत्व में राजा खरियार में किया गया था l प्रथम सत्र में ज्योति लाल बंजारे जी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में उड़ीसा प्रदेश में निवासरत लगभग 9 जिलों के सतनामी समाज के पदाधिकारी के नेतृत्व में उड़ीसा प्रदेश युवा प्रकोष्ठ ,महिला प्रकोष्ठ एवं कर्मचारी प्रकोष्ठ का गठन किया गया। उड़ीसा प्रदेश में चल रहे सामाजिक गतिविधियों तथा सामाजहित में किया जा रहे कार्यों का जोखा प्रस्तुत किया गया। भोजन अवकाश पश्चात द्वितीय सत्र का शुभारंभ छत्तीसगढ़ प्रदेश से आए हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एल एल कोसले जी एवं प्रदेश पदाधिकारी तथा राजमहल प्यारेलाल किसारिया जी , राजमहंत राजेश्वर भार्गव, राजमहंत दसेराम खांडे के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश से आए हुए राजमहंतों की उपस्थिति में वार्ड क्रमांक 2 राजा खरियार में 15 लाख रुपए की लागत से बने गगन चुंबी जैतखंभ तथा गुरु घासीदास मंदिर गुरुद्वारा में पूजा अर्चना किया गया।पंथी नृत्य दलों के साथ अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उड़ीसा प्रदेश के पदाधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ से आए हुए अतिथियों तथा राजमहंतों का ऐतिहासिक रूप से स्वागत सम्मान किया गया।

प्रदेश स्तरीय सामाजिक सम्मेलन एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री एलएल कोसले ने कहा कि उड़ीसा प्रदेश में निरंतर समाज हित में बेहतर कार्य हो रहे हैं जब भी उड़ीसा प्रदेश में गुरु घासीदास जयंती शोभा यात्रा या अन्य कोई सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है तो छत्तीसगढ़ के समाज प्रमुखों आमंत्रित कर सम्मान किया जाता है। हमें जानकर बहुत खुशी है कि उड़ीसा प्रदेश में लाखों की संख्या में गुरु घासीदास जी को मानने वाले सतनामी समाज के लोग बड़ी संख्या में निवासरत हैं। आज ज्योति लाल बंजारे जी के नेतृत्व में 9 से अधिक जिलों में संगठन के पदाधिकारी बनकर समाज को संगठित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज पूरे प्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों में निवास सतनामी समाज के अनुयायियों को एक मंथ में लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में नौ राज्य के सतनामी समाज के प्रमुखों का सामाजिक सम्मेलन एवं गिरोधपुरी में बैठक आयोजित किया गया था। जिसमें सभी प्रदेश के समाज प्रमुखों की उपस्थिति में एक मंच में आकर के समाज हित में काम करने का निर्णय लिया गया था। आप जिस भी संगठन के बैनर तले काम कर रहे होंगे लेकिन हमें समाज हित में एक मंच में आकर के सामाजिक एकता बनाए रखने तथा बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य करना होगा। उड़ीसा प्रदेश से सतनामी समाज एवं गुरु वंशजों का सदियों से संबंध रहा है उड़ीसा प्रदेश के निवासियों से छत्तीसगढ़ के लोगों का आत्मीय संबंध एवं रोटी बेटी का भी संबंध है तो हर सुख-दुख में हम सबको मिलकर कार्य करने की जरूरत है। राजा खरियार में स्थापित गुरु घासीदास जी की गगनचुंबी जैत खाम एवं गुरु घासीदास मंदिर तथा 200 घर के समाज प्रमुखों की बस्ती में गुरु घासीदास जी के विचार को जन जन तक पहुंचाने का जो प्रयास किया जा रहा है वह काबिले तारीफ है। कार्यक्रम को राजमहल राजेश्वर भार्गव राजमहल प्यारेलाल कोसरिया उड़ीसा प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ज्योति लाल बंजारे सहित क्षेत्रीय विधायक ने भी संबोधित करते हुए सामाजिक एकता एवं अखंडता के लिए आह्वान करते हुए बेहतर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उड़ीसा प्रदेश के सभी जिलों से आए हुए समाज प्रमुख को धन्यवाद सहित बधाई दिए के छत्तीसगढ़ प्रदेश से आए हुए मेहमानों को ऐतिहासिक मान सम्मान देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य अतिथि एल एल कोसले एवं अतिथियों द्वारा नवनियुक्त पदाधिकारी तथा समाज प्रमुखों को प्रशस्ति पत्र एवं गमछा भेंट करके सम्मानित किया गया।इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष एल एल कोसले प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे प्रदेश सह सचिव दिनेश बंजारे अश्वनी बबलू त्रिवेंद्र प्रदेश प्रवक्ता एवं राजमहंत प्यारेलाल कोरिया, प्रदेश कार्यकारिणी से सत्येंद्र खूंटे युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश लहरें , राजमहंत दशेराम खांडे,राजमहंत राजेश्वर भार्गव पीके घृतलहरे, रामदास जांगड़े, सहदेव जोशी,कुंती जांगड़े ,नुवलेश्वरी बंजारे सहित रायपुर बिलासपुर कोरबा शक्ति महासमुंद रायगढ़ बलौदा बाजार के समाज प्रमुख एवं राजमहंत गण तथा उडिसा प्रदेश के विभिन्न जिलेसे आए समाज प्रमुख गण बड़ी संख्या में उपस्थित थें।


