गुरू घासीदास बाबा जी का प्रथम रावटी चिराईपदर का अ भा सतनामी महासभा ने किया भ्रमण दर्शन
मदन खाण्डेकर
गिधौरी शरद पूर्णिमा के पावन तिथि एवं विश्व सतनामी दिवस 20 अक्टूबर के परिपेक्ष में 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के किरंदुल में आयोजित होने वाले विश्व सतनामी दिवस में शामिल होने के गंतब्य के दौरान अखिल भारतीय सतनामी समाज के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने चिराईपदर कोंडागांव का अवलोकन किया यहां बाबा गुरू घासीदास जी ने प्रथम रावटी लगाये थे ।विदित हो कि अंग्रेजो के शासन काल में दंतेवाडा के दंतेश्वरी मंदिर में नर बलि एवं पशु बलि की प्रथा जारों पर कायम थी इसके विरोध में जीव हत्या को रोकने ,हर जीव एक समान का संदेश देते हुये बाबा गुरू घासीदास जी ने चिडाईदादर गांव पहुंचकर प्रथम रावटी लगाया , समिपस्थ दंतेवाडा मंदिर में पहुंच कर बाबा गुरू घासीदास जी ने मानव समाज को दिब्य ज्ञान देते हुये हर जीव एक समान का उपदेश देते हुये बलि प्रथा को रोकने का संदेश दिये। चिडाईपदर गांव के जैतखाम में पहुंच कर कर राजमहंतों ने मत्था टेके एवं बुजुर्गों से प्रथम रावटी के उद्देश्य को समझने का प्रयास किये । मौके पर वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे राष्टीय अध्यक्ष अखिल भारतीय सतनामी महा सभा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी से राजमहंतगण महा सचिव पी एल कोसरिया,उपाध्यक्ष सुन्दरसाय बंजारे,राजेश्वर भार्गव,सीआर टंडन,जे पी कोसले ,पी के घृतलहरे,राजनारायण निराला ,रामचंद्र पाटले,शातिलाल खरे,गच्छराम बघेल,अजय भारद्वाज,हरगोविंद महेश्वरी,धरमदास खांडे,स्थायी निवासी रामदयाल नाग घृतलहरे,श्रीमति राजकुमारी चंद्रेश बांधे,के एल टंडन एवं लखुराम टंडन,धनसराज टंडन कोंडागांव शामिल रहे।

