अखिल भारतीय सतनामी महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारी के उपस्थिति में विश्व सतनामी दिवस किरंदुल बैलाडीला में सम्पन्न
औद्योगिक नगरीय सतनामियों का अनूठा पहल
मदन खाण्डेकर
गिधौरी. सतनामी समाज को सम्मान एवं स्वाभिमान दिलाने हेतु अखिल भारतीय सतनामी महासभा के योगदान को याद करने २५अक्टूबर २०२६को विश्व सतनामी दिवस का आयोजन सतनामी समाज किरंदूल बैलाडीला जिला दंतेवाड़ा, बीजापुर, दंतेवाड़ा,गीदम, सुकमा, कोंडागांव जगदलपुर सतनामी समाज द्वारा सतनाम भवन किरंदुल बचेली में मुख्य अतिथि श्री दसे राम खांडे राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव राजमहंत पी एल कोसरिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहन्त सुंदरसाय बंजारे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहन्त राजेश्वर भार्गव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सी आर टंडन, राष्ट्रीय सचिव राजमहंत जे पी कोशले, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजमहन्त पी के घृतलहरे, श्री लखमू टंडन अध्यक्ष १००गवा समिति कोंडागांव , देवनारायण अनंत अध्यक्ष सतनामी समाज किरंदूल ,राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य राजमहंत राजनारायण निराला राजमहंत, शांतिलाल खरे, राजमहंत रामचन्द्र पाटले, राजमहंत गछराम बघेल राजमहंत अजय भारद्वाज, महंत धरम खांडे ,राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा कुन्ती जांगड़े के गरिमा मयी उपस्थिति में गुरुगद्दी एवं परम पूज्य गुरु घासीदास जी के पूजा अर्चना के साथ संपन्न हुआ। वर्ष १९२४-२ ५में अखिल भारतीय सतनामी महासभा के संरक्षक जगत गुरु गोसाईं अगम दास जी, के मार्गदर्शन में अध्यक्ष रतिराम कोशले मालगुजार, एवं राजमहंत द्वारा सी पी बरार ब्रिटिश सरकार में सतनामी समाज को सम्मान एवं स्वाभिमान से जीवन जीने पिटिशन दायर किया गया जिनके परिणाम स्वरूप सी पी बरार गवर्नर जनरल ब्रिटिश सरकार द्वारा 20अक्टूबर 1926 को आदेश पारित कर समस्त कलेक्टर अविभाजित मध्यप्रदेश को निर्देशित किया गया कि सतनामियों का मूल कार्य कृषि है, ये सतनाम पंथी, गुरुमुखी सतनाम धर्म के मानने वाले है इन्हें संबोधन सिर्फ सतनामी कहा, लिखा जावे एवं समस्त शासकीय दस्तावेज में सतनामी लिखा पढ़ा जावे। अखिल भारतीय सतनामी महासभा इन्हीं ऐतिहासिक कार्य को याद करने 20अक्टूबर को विश्व सतनामी दिवस के रूप में मनाया जाता है। आयोजन समिति के अध्यक्ष देवनारायण अनंत द्वारा सतनामी समाज किरंदूल बैलाडीला के द्वारा सतनामी समाज किरंदूल के हित में किए जा रहे कार्यों सतनामी और सतनामीयत खानी बनी, रहनी गहनी सियानी पर विस्तृत जानकारी प्रदान किया।इस ऐतिहासिक विश्व सतनामी दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए वरिष्ठ राजमहंत सुंदरसाय बंजारे ने कहा कि अखिल भारतीय सतनामी महासभा के संस्थापक गुरु गोसाईं अगम दास जी उनके राजमहंत के अथक प्रयासों से सतनामी समाज को सम्मान एवं स्वाभिमान से जीवन जीने का अधिकार प्राप्त हुआ था उन्हीं के यादगार में हम सब विश्व सतनामी दिवस के रूप में मना रहे हैं। प्रमुख सलाहकार राजमहंत राजेश्वर भार्गव द्वारा अखिल भारतीय सतनामी महासभा संस्थान के उद्देश्य उनके आगामी कार्य योजना को संत समाज को अवगत कराते गुरु गोसाईं अगम दास जी, ममतामयी मिनीमाता के सामाजिक योगदान को याद करते उनके अधूरे कार्य को पूर्ण करने संकल्पित होने आव्हान किया,। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजमहन्त सी आर टंडन द्वारा संत समाज को सम्बोधित करते परम पूज्य गुरु घासीदास जी के पूर्व सतयुग ,द्वापर, त्रेतायुग मे सतनाम सतपुरुष के 64पीढ़ियों उनके वंशजो के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया। राजमहंत पी एल कोसरिया राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय सतनामी महासभा द्वारा सतनामी समाज के अतीत और आज की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुये भारत वर्ष के आजादी के पूर्व, भारतीय संविधान लिखे जाने के पूर्व सतनामी समाज के धर्म गुरु घासीदास उनके सुपुत्र गुरु अमरदास गुरु बालक दास सा गुरु गोसाईं अगम दास जी उनके राजमहंत गौव भक्त नैनदास महिलांग, राजमहंत, राय बहादुर अंजोर दास कोशले, रतिराम कोशले मालगुजार, महंत रनसाय कोसरिया, राजमहत जगतूराम सोनवानी के सतनामी के लिए सामाजिक, धार्मिक,शैक्षणिक, आध्यात्मिक कार्यों मानवीय मूल्यों नैतिक शिक्षा, महिला सशक्तिकरण हेतु किए गए ऐतिहासिक कार्य से विश्व सतनामी दिवस पर याद करते अवगत कराया साथ ही सतनामी संस्कृति गुरुमुखी गुरु परम्परा समाज की रक्षा, अखिल भारत वर्ष में निवास रत सतनामी समाज को एक मंच पर लाकर समाज के सर्वांगीण विकास हेतु अखिल भारतीय सतनामी महासभा संस्थान में जुडकर कार्य करने अपील किया गया। अखिल भारतीय सतनामी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ राजमहन्त दसे राम खांडे जी द्वा रासंबोधित करते सतनामी समाज को गुरु घासीदास बाबा के संदेश को जीवन में आत्मसात करने, शिक्षा,महिला सशक्तिकरण हेतु प्रबुद्ध शिक्षित महिलाओं युवाओं को समाज के विकास हेतु अपना सहयोग प्रदान करने किया उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सतनामी के विकास हेतु मुख्य कारक है अतः आगे बढ़ कर कार्य को याद करता हसतनाम सतपुरुष के वसतनामी महासभा के पूर्व सतनामी समाज के जगदलपुर, कोंडागांव, गीदम, सुकमा,कोंटा बीजापुर,दंतेवाड़ा, बिलासपुर, शक्ति, कोरबा, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, सारंगढ़, रायगढ़ जिला के राजमहंत, जिला महंत के साथ जिला सतनामी के जिला अध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता मिनीमाता महिला समिति किरंदूल बैलाडीला जिला दंतेवाड़ा सैकड़ों संख्या में उपस्थित हुए। मौके पर सतनामी समाज किरंदूल के अध्यक्ष देवनारायण अनंत सचिव त्रिलोक बाँधे संरक्षक एन के दांडे, एस के बारले, उपाध्यक्ष अमृत टंडन सत्यप्रकाश सोनवानी सह सचिव दिनेश दिवाकर संगठन सचिव सौरभ पात्रे, भागचंद कुर्रे मीडिया प्रभारी संतोष कुमार लहरें, धरम राय रात्रे, विजय कुर्रे,बि दी चेलक, धीरेन्द्र किरण, दीपक आदिले, आर एल बंजारे, जागेश्वर, राजेश अजगले, उमेश बर्मन, संजय मार्कंडेय, श्रीमती ऊषा किरण पात्रे, श्रीमती नीता जांगड़े, उर्मिला भारद्वाज, त्रिभुवन कांत, घनश्याम बंजारे, पी आर पात्रे हरीश सोनवानी, बिहारीलाल चतुर्वेदी, शिवशंकर घृतलहरे,सी बी पाटले, जितेन्द्र निराला, रुपेश कुमार, एस टी महिलाने,डॉ बी के कुर्रे एस एन भारद्वाज, द्वारिका जांगड़े, बृजमोहन बाँधे, एस एन कुर्रे, रामेन्द्र लहरें, दिनेश दिवाकर, रविकांत बंजारे, अनिल बंजारे, सुनेश्वर महिलाने विश्व सतनामी दिवस कार्यक्रम का सफल संचालन त्रिलोक बाँधे द्वारा किया गया एवं उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश सोनवानी द्वारा आभार व्यक्त कर समापन किया गया।

